Make UID available to all by March 2013,says Munda

Press Release

UID nandanयू0आई0डी0ए0आई0 के अध्यक्ष, श्री नन्दन नीलकणी एवं महानिदेशक, श्री आर0 एस0 शर्मा के साथ राज्य में यू0आई0डी0- आधार कार्ड की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुण्डा ने कहा कि मार्च-2013 तक राज्य में आधार कार्ड निर्माण शतप्रतिशत करा लिया जाए। उन्होंने मुख्य सचिव सहित बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों को निदेश दिया कि यू0आई0डी0ए0आई0 ने झारखण्ड को प्रथम राज्य के रूप मे चयन किया है। यहाँ यू0आई0डी0-आधार कार्ड निर्माण को त्वरित गति से पूरा करना है।

मुख्यमंत्री आज यू0आई0डी0ए0आई0 के अध्यक्ष, श्री नन्दन नीलकणी तथा महानिदेशक, श्री आर0एस0शर्मा के साथ अपने आवास में राज्य में आधार इनरोल्मेंट तथा भविष्य में इसकी सम्भावनाओं पर एक बैठक की। बैठक में मुख्य सचिव, श्री एस0के0चैधरी, विकास आयुक्त, श्री देवाशीष गुप्त, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव, डाॅ0 डी0के0तिवारी, गृह सचिव, श्री जे0बी0तुबिद, सचिव, ग्रामीण विकास विभाग, श्री आर0एस0पोद्दार समेत अनेक वरीय पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

राज्य में फेज-1 तथा फेज-2 के तहत जिलावार आधार इनरोल्मेंट की समीक्षा की गई। महानिदेशक यू0आई0डी0ए0आई0 ने बताया कि फेज-1 के तहत 83,56657 इनरोल्मेंट हुआ है जिसके विरूद्ध 52,48521 कार्ड बन चुके हैं। लगभग दो करोड़ का इनरोल्मेंट अभी बाकी है। सेकण्ड फेज का इनरोल्मेंट जून-2012 से आरम्भ हो चुका है। इनके लिए लक्षित समय में प्रतिदिन एक लाख इनरोल्मेंट करने की आवश्यकता है। इनरोल्मेंट करने वाली एजेंसीज को सारी सुविधाएं दी गई हैं। उन्हें अपनी चार गुणा ताकत बढ़ानी होगी। प्रतिदिन दो हजार सेंटर पर इनरोल्मेंट कार्य हो, तो लक्षित समय में कार्य पूरा होगा। मुख्यमंत्री ने इनरोल्मेंट के सघन मोनिटरिंग तथा जहाँ कम इनरोल्मेंट हुआ है वहाँ अधिक ध्यान देने की आवश्यकता पर बल देते हुए प्रमण्डलीय स्तर पर इसके लिए विशेष टास्क फोर्स के गठन का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव तथा विकास आयुक्त इस हेतु अपने स्तर से समीक्षा करें। उसमें सूचना तकनीक को भी रखा जाए और प्रमण्डलीय आयुक्तों तथा उपायुक्तों के साथ समन्वय के साथ कार्य कराया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एस0आर0डी0एच0 (स्टेट रेजिडेंट डाटा हब) को राज्य के प्रत्येक निवासी का डाटा डिमोग्राफी रखना है। यू0आई0डी0ए0आई0 के माध्यम से जनवितरण प्रणाली, मनरेगा, एन0आर0ई0पी0 (विधवा,वृद्धावस्था,विकलांग,पेंशन), सभी प्रकार के छात्रवृति, गरीबी रेखा से नीचे जीवन बसर करने वाले परिवारों के सहायतार्थ योजनाओं के भुगतान के संदर्भ में इसका सफल उपयोग किया जा सकता है। इसके लिए कॉमन एप्लीकेशन फ्रेम वर्क विकसित करना है।

वार्ता के क्रम में यू0आई0डी0ए0आई0 के अध्यक्ष, श्री नन्दन नीलकणी ने कहा कि झारखण्ड ‘‘आधार’’ का मॉडल राज्य होगा। पूरे देश में शतप्रतिशत इनरोल्मेंट सुनिश्चित करने वाला यह पहला राज्य होगा। आधार पर आधारित भुगतान आसान होगा। आंध्रप्रदेश में जनवितरण प्रणाली, कर्णाटक के मैसूर जिले में एल0पी0जी0 सब्सिडि, त्रिपुरा में पेंशन, महाराष्ट्र के निजी विद्यालयों के शिक्षकों के वेतनादि, मध्यान्न भोजन का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि आधार डाटा बेस रहने के कारण लाभुकों का आसानी से सारी सुविधाएं एक ही बिन्दु पर उपलब्ध कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न राज्यों में अलग-अलग तरह के एप्लीकेशन विकसित हो रहे हैं, हम उससे डाटा प्राप्त कर लाभ ले सकते हैं। जिन जिलों में आधार कार्ड का अनुपात अधिक है वहाँ योजनाओं के भुगतान को इससे जोड़ने की कार्रवाई की जाए। शेष जिलों के लिए लक्ष्य निर्धारित करने को भी उन्होंने कहा। जो जिला सबसे पहले इनरोल्मेंट प्रक्रिया पूरी करेगा उसे सरकार द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा। ग्रामीण विकास विभाग और नगर विकास विभाग इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर लक्ष्य निर्धारित कर पूरा करे।

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