सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई से ही इनकार

Jharkhand News

* नगड़ी जमीन अधिग्रहण
* झारखंड हाइकोर्ट के फैसले को दी गयी थी चुनौती
रांची : कांके के नगड़ी मौजा में जमीन अधिग्रहण के विरोध में दायर रैयतों की याचिका गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में खारिज हो गयी. जस्टिस एचएल गोखले व जस्टिस रंजना देसाई की खंडपीठ ने मांगू उरांव व अन्य की ओर से दायर एसएलपी पर सुनवाई से इनकार कर दिया. याचिका में झारखंड हाइकोर्ट के फैसले को चुनौती दी गयी थी.

खंडपीठ ने कहा : 50 वर्ष पहले जमीन का अधिग्रहण किया गया. इस मामले में कोर्ट हस्तक्षेप नहीं करेगा. प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता सुशील कुमार व मनीष शरण ने पैरवी की.

* 50 साल पुराना मामला
वर्ष 1958 में मौजा नगड़ी में कृषि विश्वविद्यालय के लिए 202.27 एकड़ व सीड फॉर्म (कृषि विभाग) के लिए 25.44 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया था. 128 रैयतों ने अधिगृहीत की गयी कुल 227.71 एकड़ जमीन का मुआवजा लेने से इनकार कर दिया. प्रशासन ने बाद में मुआवजा राशि (एक लाख 33 हजार 632 रुपये) को ट्रेजरी में जमा करा दिया.

अब इसी जमीन पर नेशनल लॉ कॉलेज,आइआइएम आदि बनाने की योजना है. 500 से अधिक प्रभावित किसान सरकार की इस योजना का विरोध कर रहे हैं. ग्रामीणों ने रिंग रोड के निर्माण में जमीन अधिग्रहण का भी विरोध किया था. रिंग रोड के लिए 13 एकड़ 11 डिसमिल जमीन अधिगृहीत की गयी है.

– हो रहा विरोध
* कुल 227.71 एकड़ जमीन का अधिग्रहण
* 153 रैयत परिवार हुए प्रभावित
* 128 परिवार ने मुआवजा लेने से इनकार किया
* ट्रेजरी में जमा है एक लाख 33 हजार 632 रुपये

– मामला कोर्ट में
* राहत के लिए ग्रामीणों ने दो मई को हाइकोर्ट में याचिका दाखिल की
* 16 मई को हाइकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी थी
* 28 जून को सुप्रीम कोर्ट में दायर एसएलपी भी खारिज

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