10 हजार इंटर छात्रों का भविष्य अधर में

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रांची : बिना मान्यता के चल रहे राज्य के 26 इंटर कॉलेज के करीब 10 हजार विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है. ये विद्यार्थी 2013 की इंटर परीक्षा से वंचित रह सकते हैं.

झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) ने दो जुलाई से शुरू हो रही 11 वीं की परीक्षा में इन कॉलेजों के विद्यार्थियों के शामिल होने पर रोक लगा दी है. 11 वीं की परीक्षा में शामिल नहीं होने पर ये विद्यार्थी 2013 की इंटर परीक्षा भी नहीं दे पायेंगे.

निर्देश ठुकराया : मानव संसाधान विकास विभाग ने जैक को स्थापना अनुमति के लिए आवेदन जमा करनेवाले कॉलेजों के विद्यार्थियों को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति देने का निर्देश दिया था. मंगलवार को इससे संबंधित पत्र भी भेजा था.

पर जैक अध्यक्ष लक्ष्मी सिंह ने विभाग के प्रधान सचिव को पत्र लिख कर नियमों का हवाला दिया है. पत्र में कहा गया है कि कॉलेजों को स्थापना अनुमति प्राप्त नहीं है. इसके बाद भी कॉलेजों में नामांकन लिये गये. ऐसे में कॉलेज के विद्यार्थियों को परीक्षा में शामिल करना नियम विरूद्ध होगा.

– 2013 की परीक्षा से हो सकते हैं वंचित
* कॉलेजों ने बिना मान्यता के ही ले लिया था नामांकन
* जैक ने कहा नियम विरूद्ध है परीक्षा में शामिल करना

– कॉलेजों के आवेदन पर निर्णय नहीं
कॉलेजों ने बिना मान्यता के ही इन विद्यार्थियों का नामांकन ले लिया. इसके बाद स्थापना अनुमति के लिए जैक में आवेदन जमा किया था. पर इन कॉलेजों की मान्यता पर अब तक कोई निर्णय नहीं हुआ.

– दो बार बढ़ चुकी है 11वीं की परीक्षा तिथि
2013 की इंटर परीक्षा में शामिल होनेवाले विद्यार्थियों ने अब तक 11 वीं की परीक्षा नहीं दी है. 11 वीं की परीक्षा की तिथि दो बार बढ़ायी जा चुकी है. परीक्षा 26 अप्रैल को प्रस्तावित थी. पर बाद में इसे पहले चार जून और फिर दो जुलाई किया गया. परीक्षा की तिथि में बढ़ोतरी मानव संसाधन विकास विभाग के निर्देश पर ही किया गया था.

– बिना मान्यता के कॉलेज के विद्यार्थियों को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति देना नियम विरूद्ध है. विभाग के निर्देश पर दो बार 11 वीं की परीक्षा की तिथि बढ़ायी जा चुकी है. फिर से तिथि बढ़ाई गयी, तो 2013 की इंटर परीक्षा समय पर नहीं हो पायेगी. लक्ष्मी सिंह, जैक अध्यक्ष

– विद्यार्थियों के हित में विभाग ने जैक को निर्देश दिया था. जैक को विभाग का निर्देश मानना चाहिए. अभी जैक का पत्र नहीं देखा हूं. पत्र देख कर स्पष्टीकरण पूछेंगे. अगर जैक निर्देश नहीं मानता, तो मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप करने को कहेंगे.
बैद्यनाथ राम, शिक्षा मंत्री

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