Governor Ahmad punishes corrupt retired engineer

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Governor Syed Ahmad remains belligerent against the issue of corruption.He ordered cut of 10 percent in pension of one executive engineer of the rural development department due to whose lapses,a bridge had got damaged.

The details were provided by the press release issued today by the Raj Bhawan.It said as follows:

महामहिम राज्यपाल डा0 सैयद अहमद ने श्री भरत सिंह, सेवानिवृŸा कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण विकास विभाग को सम्पूर्ण पेंषन अवधि के लिए 10 प्रतिषत पेंषन कटौती का दण्ड देने का आदेष दिया है। श्री भरत सिंह ने ग्रामीण विकास विषेष प्रमण्डल, गुमला में अपने पदस्थापन अवधि में पर्यवेक्षण में लापरवाही एवं अनियमितता बरती, जिसके परिणामस्वरूप संवेदक द्वारा कार्य में लापरवाही बरती गयी तथा विषुनपुर प्रखण्ड के समंदरी नेतरहाट पथ के बीच कोयल नदी पर निर्माणाधीन पुल क्षतिग्रस्त हो गया। पुल के क्षतिग्रस्त होने से पुल पर लगभग डेढ़ वर्ष से आवागमन बाधित हुआ। साथ ही सरकार को विŸाीय क्षति भी पहुंची। अत: महामहिम ने श्री भरत सिंह द्वारा पुल निर्माण के पर्यवेक्षण में बरती गयी लापरवाही एवं सरकारी राषि को क्षति पहुँचाने हेतु झारखण्ड पेंषन नियमावली के नियम 43 (बी) के तहत उनके पेंषन से 10 प्रतिषत की राषि की कटौती करने का आदेष दिया।
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महामहिम राज्यपाल डा0 सैयद अहमद ने श्री राजेन्द्र प्रसाद मंडल (पथ निर्माण विभाग संवर्ग के अभियंता), सम्प्रति कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमण्डल, साहेबगंज के द्वारा राज्य सम्पोषित योजना अन्तर्गत एन.एच. सड़क में कैलाबाड़ी नामक स्थान से बेगमगंज तक आर.र्इ.ओ. सड़क के बीच में चाँदषहर नामक स्थान के निकट पुल निर्माण के लिए निविदा आमंत्रित करने में अनावष्यक विलम्ब करने हेतु उन्हें एक वेतन वृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से वंचित रखने का आदेष दिया है। विदित हो कि चाँदषहर नामक स्थान में 80 मी0 लम्बार्इ के इस पुल के निर्माण की प्रषासनिक स्वीÑति ग्रामीण कार्य विभाग, झारखण्ड द्वारा स्वीÑत्यादेष दे दी गयी थी। इस पुल का निर्माण विŸाीय वर्ष 2011-12 में ही पूर्ण कर लिया जाना था, किन्तु प्रषासनिक स्वीÑति प्राप्त रहने के बावजूद श्री राजेन्द्र प्रसाद मंडल द्वारा पाँच महीने तक निविदा आमंत्रित नहीं की गयी। सूचना के मुताबिक विभाग द्वारा दूरभाष पर दिये गये निदेष के बावजूद उनके स्तर से कोर्इ कार्रवार्इ नहीं की गयी।

बाढ़ प्रभावित इस क्षेत्र में 15 कि0मी0 पथ को जोड़नेवाली उक्त पुल जनहित में काफी महत्व रखता था। श्री राजेन्द्र प्रसाद मंडल की निषिक्रयता के कारण योजना के क्रियान्वयन में विलम्ब हुर्इ जिससे क्षेत्र के लोगों को काफी असुविधाएँ हुर्इ। इस Ñत्य के लिए ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा उनसे स्पष्टीकरण भी मांगा गया था लेकिन उनके द्वारा लगभग 8 माह तक स्पष्टीकरण समर्पित नहीं किया गया, जो उनकी अनुसाषनहीनता एवं कर्Ÿाव्यहीनता का भी परिचायक है। अत: उक्त परिपेक्ष्य में महामहिम राज्यपाल ने उन्हें एक वेतन वृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से वंचित रखकर दणिडत करने का आदेष दिया है।
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महामहिम राज्यपाल डा0 सैयद अहमद से आज राजभवन में झारखण्ड प्रार्इवेट स्कूल एसोसिएषन का षिष्टमंडल मिला एवं एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में महामहिम से आग्रह किया गया है कि नि:षुल्क एवं अनिवार्य बाल षिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 19 एवं 25 को पालन करने की अवधि में थोड़ा विस्तार दिया जाय। ज्ञापन में कहा गया है कि इसे पालन करने की सिथति में निजी विधालय आर्थिक रूप से सक्षम नहीं हैं एवं 75 प्रतिषत विधालय बंद हो जायेंगे। इसके अतिरिक्त अंजुमन तरक्की-ए-उदर्ू तथा झारखण्ड राइट टू एजूकेषन फोरम का भी षिष्टमंडल महामहिम राज्यपाल से मिला।

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