Expedite implementation of development schemes,Governor Ahmad tells officials

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Expedite implementation of schemes related with welfare and development of the poor and the common people,Governor Syed Ahmad told the senior officials today.

“When there is no dearth of funds,the progress of the work ought to be good”,observed Governor Ahmad who reviewed the status of the plan expenditure of the state government.

A press release issued by the state public relations department in Hindi said as follows:

माननीय राज्यपाल डा0 सैयद अहमद ने सभी विभागीय सचिवों को निदेष दिया है कि वे आमलोगों के विकास तथा गरीबों के कल्याण हेतु चलाये जा रहे योजनाओंकार्यक्रमों के क्रियान्वयन में तीव्रता लायें।

उन्होंने कहा कि जब हमारे पास राषि की कमी नहीं है, तो कार्य प्रगति भी बेहतर होनी चाहिये। इस निमिŸा सभी विभागीय प्रधान सचिवसचिव पूर्ण मुस्तैदी के साथ अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करें। माननीय राज्यपाल आज प्रोजेक्ट भवन में विŸाीय वर्ष 2013-14 में खर्च किये जा रहे योजना व्यय की अधतन सिथति की समीक्षा कर रहे थे।

बैठक में राज्यपाल के परामर्षी श्री मधुकर गुप्ता, श्री के. विजय कुमार, मुख्य सचिव श्री आर.एस. शर्मा, विकास आयुक्त श्री ए.के. सरकार, राज्यपाल के प्रधान सचिव श्री एन.एन. सिन्हा, प्रधान सचिव, विŸा श्री सुखदेव सिंह के अतिरिक्त सभी विभागों के प्रधान सचिवसचिव उपसिथत थे।
राज्यपाल महोदय ने स्पष्ट रूप से कहा कि योजना राषि समय पर एवं उचित रूप से व्यय हो, यह विभागीय सचिव की जिम्मेदारी है, इसमें किसी प्रकार की षिथिलता हेतु विभागीय सचिव जिम्मेदार होंगे। अत: विभागीय सचिव अपने स्तर पर सतत समीक्षा करें। राज्यपाल महोदय ने बैठक में कहा कि यह दु:खद है कि राज्य गठन के 12 वर्ष पश्चात भी कर्इ विभागों की नियुकित नियमावली नहीं बन पार्इ है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जून तक सभी विभाग निर्माण कर ले, ताकि रिकितयों को भरा जा सके।

राज्यपाल महोदय ने कहा कि विभागीय सचिव अपने स्तर से विष्लेषण करें एवं समय पर योजना का कार्यान्वयन व योजना बजट राषि व्यय न करने वाले पदाधिकारियों को चिनिहत करें, ताकि गैर जिम्मेदार पदाधिकारी पर कार्रवार्इ हो सके। उन्होंने कहा कि पदाधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए समर्पित भाव से योजनाबद्ध तरीके से कार्य करनी होगी। उन्होंने कहा कि विभागीय सचिवगणों को योजना के कार्यान्वयन के संदर्भ में निरंतर अनुश्रवण करने की आवष्यकता है, इससे कार्य में तेजी आयेगी। जहाँ कमियाँ हों, उन्हें दूर करें। उन्होंने डिपाजिट राषि के व्यय के संदर्भ में भी समीक्षा की।

राज्यपाल महोदय ने निदेष दिया कि जन-वितरण प्रणाली को बेहतर एवं प्रभावी बनाया जाय, इस हेतु अच्छे एवं र्इमानदारी से काम करने वाले जन-वितरण प्रणाली के दुकानदारों को प्रोत्साहित करें, उन्हें पुरस्Ñत भी करें। राज्यपाल ने निदेष दिया कि वृद्धावस्था पेंषन, विकलांगता पेंषन, विधवा पेंषन आदि का भुगतान प्रत्येक माह समय पर हो, यह विभाग सुनिषिचत करें। उन्होंने कहा कि छात्रवृŸाि राषि भी छात्रों को समय पर मिलना चाहिए, इन कार्यों में किसी भी प्रकार की षिथिलता नहीं बरती जाय।

बैठक में राज्यपाल महोदय ने सार्इकल वितरण योजना के तहत बच्चों को दी जाने वाली सार्इकल के संदर्भ में समीक्षा करते हुए कहा कि निमिŸा छात्र-छात्राओं को हर हाल में इसका लाभ मिलना चाहिए, इसमें किसी भी प्रकार की ढि़लार्इ अथवा षिथिलता न बरती जाय। उन्होंने सार्इकल खरीद हेतु छात्रों को राषि बैंक एकाउंट के माध्यम से दिये जाने पर गंभीरतापूर्वक समीक्षा करने हेतु कहा। बैठक में आंगनबाड़ी केन्द्रों की सिथति को बेहतर करने का निदेष दिया, इस निमिŸा विभागीय सचिवपदाधिकारियों को अनुश्रवण करने हेतु भी कहा। बैठक में वन विभाग के मुख्य वन संरक्षक ने सुझाव दिया कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों मेंं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, आंगनबाड़ी, प्राथमिक विधालय का निर्माण कार्य उनके विभाग से भी कराया जा सकता है। संबंधित विभाग उनके प्रस्ताव पर विचार करें।

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