Development of infrastructure,human resources stressed

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The possibilities of development in the departments of health,education and service delivery are many.There is no dearth of funds either.What was needed was to strengthen their infrastructure and human resources.

This was observed by Jharkhand Chief Secretary RS Sharma inside his chamber at the Project Bhawan in Ranchi today while reviewing the status of funds made available by the Government of India.

A press release prepared by public relations department in Hindi said as follows:

स्वास्थ्य, शिक्षा, भवन, सेवा प्रदाय (सर्विस डिलिवरी) से संबंधित विभाग में विकास की अनेक सम्भावनाएं हैं, जिसके लिए राशि की कमी नहीं है। आवश्यकता है विभागों के आधारभूत संरचना को सुदृढ़ बनाने एवं मानव संसाधन के विकास की।

मुख्य सचिव श्री आर0एस0शर्मा ने उपरोक्त बातें आज अपने सभा-कक्ष में 13वें वित्त आयोग की अनुशंसा में भारत सरकार द्वारा प्राप्त राशि के समीक्षा के दौरान कही। प्रत्येक विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2010-11 से लेकर अब तक 2012-13 में भारत सरकार द्वारा प्राप्त राशि, संबंधित योजनाओं की प्रगति, उपयोगिता प्रमाण पत्र इत्यादि की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि राशि के व्यय से संबंधित उपयोगिता प्रमाण पत्र शीघ्र भारत सरकार को भेजे जाएं ताकि वित्तीय वर्ष 2013-14 की राशि को विमुä कराया जा सके।

अनेक विभागों द्वारा यह बताए जाने पर कि कार्य की प्रगति हो चुकी है, परन्तु भुगतान नहीं होने के कारण वित्तीय उपलबिध नहीं है, मुख्य सचिव ने कहा कि कार्यों के भौतिक एवं वित्तीय उपलबिध के बीच संबंध स्पष्ट होने चाहिए। कार्य को परिणाम तक पहुँचाने के लिए विशेष प्रयास की जरूरत है, यदि और अधिक कर्मियों की आवश्यकता हेतु उसके लिए आवश्यक कार्रवार्इ की जाए। प्रत्येक योजना की मानिटरिंग समय-समय पर लगातार करते रहें तथा किए कार्य से संबंधित प्रतिवेदन वित्त विभाग को भेजना सुनिशिचत करें।

आपदा प्रबंधन के संबंध में मुख्य सचिव ने कहा कि प्रमण्डल स्तर पर आयुक्त एवं जिला स्तर पर उपायुक्त को भी राहत राशि की स्वीÑति हेतु प्राधिÑत किया जाए ताकि आपदा प्रभावितों को सहायता अविलम्ब पहुँचाया जा सके।

श्री शर्मा ने कहा कि राज्य के सेवा निवृत्त कर्मियों को सभी देय ससमय मिलने चाहिए। विगत पाँच साल में कितने कर्मी सेवा निवृत्त हुए हैं एवं कितनों को देय लाभ नहीं मिल सका है, इसकी जानकारी के लिए रिड्रेसल सेल बनाते हुए आवश्यक सूचना मांग लें और उसका निष्पादन शीघ्र करें। उन्होंने कहा कि इस कार्य में पेंशन कम्पलेन पोटल बनाते हुए र्इ-मेल के माध्यम से भी सूचना मांगी जा सकती है। राज्य सरकार के कर्मियों की सूचना सुलभ है, ऐसी सिथति में इस वर्ष सेवा निवृत होने वाले कर्मियों की जानकारी आसानी से ली जा सकती है। हमें इनके प्रति संवेदनशील होकर कार्य करने की आवश्यकता है।

बैठक में प्रधान सचिव ग्रामीण विकास विभाग श्री आर0एस0पोíार, प्रधान सचिव गृह श्री एन0एन0पाण्डेय, प्रधान सचिव श्रम एवं नियोजन श्री विष्णु कुमार, प्रधान सचिव वित्त श्री सुखदेव सिंह, प्रधान सचिव मानव संसाधन विभाग श्री डी0के0तिवारी, प्रधान सचिव पंचायती राज श्री एल0ख्यांगते, प्रधान सचिव नगर विकास विभाग श्री ए0के0सिंह, प्रधान सचिव श्रीमती अलका तिवारी, सचिव योजना एवं विकास विभाग श्री अविनाश कुमार समेत वरीय पदाधिकारीगण उपसिथत थे।

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