देवघर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण से बाबानगरी देवघर को अन्तर्राष्ट्रीय कनेकिटविटी मिलेगी

Press Release

राँची, दिनांक 17, जुलार्इ, 2012

देवघर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण से बाबानगरी देवघर को अन्तर्राष्ट्रीय कनेकिटविटी मिलेगी, यह अन्तर्राष्ट्रीय बाजार के लिए एक नया ”गेटवे साबित होगा। इससे पारसनाथ आने वाले पर्यटको को भी सुविधा होगी साथ ही संताल परगना क्षेत्र के देशज उत्पादों को भी अन्तर्राष्ट्रीय बाजार सुलभ हो सकेगा। मुख्यमंत्री आज अध्यक्ष, राज्य समन्वय समिति श्री शिबू सोरेन की उपसिथति में देवघर एयर पोर्ट के विस्तारीकरण का आनलार्इन शिलान्यास कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि हर व्यकित के सपने को साकार करना उत्तरदायी सरकार की जिम्मेवारी है। राज्य सरकार सूबे के लोगों के जीवन स्तर में सुधार के लिए सभी क्षेत्रों के समेकित विकास के लिए आधारभूत संरचना के साथ-साथ, Ñषि-सिंचार्इ, देशज हुनर, रोजगार-सृजन सहित आर्थिक आत्मनिर्भरता के विभिन्न आयामों को विकसित करने के लिए प्रयासरत है। देवघर में अल्ट्रामेगा पावर प्रोजेक्ट स्थापित करने के साथ-साथ नार्थ-र्इस्ट से म्यांमार, रंगून तक संताल परगना को जोड़ने के लिए गोविंदपुर-साहेबगंज पथ के निर्माण के प्रति सरकार गंभीर है।

उन्होंने कहा कि देवघर से रामपुरहाट को जोड़ने वाली राष्ट्रीय उच्च पथ बंगाल से सीधे जुड़ेगी वहीं राँची से सुन्दरगढ़ वाया राउरकेला-चार्इबासा के राष्ट्रीय उच्च पथ उड़ीसा के जैतनगर से सीधे जुड़ेगी। देश की अपेक्षा आनुपातिक रूप से झारखण्ड राज्य में राष्ट्रीय उच्च पथों की लंबार्इ कम होने को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में अवसिथत सभी राष्ट्रीय उच्च पथों की फोरलेनिंग की जा रही है। राँची से गढ़वा एवं राँची बहरागोड़ा राष्ट्रीय उच्च पथ भी बंगाल, उड़ीसा, छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश को सीधा जोड़ेगी। साहेबगंज गंगा पुल के कार्य की धीमी प्रगति पर अंसतोष जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि इस महत्वाकांक्षी योजना पर झारखण्ड, बिहार एवं केन्द्र सरकार को त्रिपक्षीय रूप से काम करना है। इस पुल के पूरा होने से तेजपुर (असम) के रास्ते नाथूला, बार्डर के जरिए सीधे अन्तर्राष्ट्रीय बाजार तक पहुँच हो सकती है।

उर्जा क्षेत्र के विकास के मूल में आंतरिक श्रोतों की समृद्धि एवं आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए स्थानीय रोजगार सृजन को प्रमुखता दी गर्इ है। प्राÑतिक संसाधनों के हो रहे लगातार दोहन की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों का मूल्य संवद्र्धन आज की सबसे बड़ी जरूरत है। उदाहरण के लिए संताल परगना के गोडडा के भौरैया, महागामा के क्षेत्र खनिज आधारित नहीं हैं परन्तु सिल्क उत्पादों एवं अन्य स्थानीय उत्पादों के विपणन एवं Ñषि क्षेत्र के संस्थागत विकास से बड़ी उपलबिधयाँ हो सकती है। प्रबंधन की जरूरत पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि देवघर एवं गोडडा में Ñषि महाविधालय की स्थापना के साथ-साथ संताल परगना क्षेत्र के महाविधालयों में वोकेशनल कोर्स शुरू कराने हेतु सरकार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं के प्रति सरकार गंभीर है। अजय बराज से सिंचार्इ सुविधाओं को विकसित करने के साथ-साथ पुनासी के विस्थापितों की समस्याओं के प्रति भी राज्य सरकार गंभीर है।

उन्होंने एयरपोर्ट आथोरिटी आफ इंडिया के प्रतिनिधियों से कहा कि समयबद्ध रूप से देवघर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के कार्य पूरे हों ताकि समय से इसका उदघाटन भी हो। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 30 वर्षों हेतु लान्गटर्म लीज पर भूमि भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण को उपलब्ध करा रही है। इसके साथ गम्हरिया एयरपोर्ट को भी विकसित किया जा रहा है।

देवघर में उदघाटन स्थल पर उममुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन, अल्पसंख्यक कल्याण एवं सहकारिता मंत्री श्री हाजी हुसैन अंसारी, सांसद श्री निशिकांत दूबे, विधायक श्री सुरेश पासवान, विधायक श्री शशांक शेखर भोक्ता एवं राज्य समन्वय समिति के सदस्य श्री विजय कुमार सिंह एवं भारतीय विमानपत्तन प्राधिकार के निदेशक, श्री मनोहर लाल उपसिथत थे।

आनलार्इन उदघाटन के मौके पर मुख्यमंत्री आवास में मुख्य सचिव, श्री एस0के0चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव, डा0 डी0के0तिवारी, नागर विमानन सचिव श्री के0के0 खण्डेलवाल भी मौजूद थे।

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