DBT can help transfer water-hygiene funds to panchayats

Top Stories
aadhar cad
Representational Pic

Directly transfer the fund meant for water and hygiene projects to panchayats through Direct Benefit Transfer Scheme.This can expedite the process of implementation of schemes and involve panchayats in the development process.

This was observed by Jharkhand chief secretary RS Sharma while reviewing the status of funds meant for the water and hygiene department in the Project Bhawan,Ranchi, today.

A press release issued by the public relations department said as follows:

मुख्य सचिव श्री आर0एस0षर्मा ने पंचायतों को पेयजल एवं स्वच्छता योजना की राषि डार्इरेक्ट बिनिफिट स्कीम के तहत सीधे प्रदान करने का निदेष दिया ताकि इससे कार्य में तेजी आए और पंचायतों की सहभागिता बढ़े।

मुख्य सचिव श्री आर0एस0षर्मा ने प्रोजेक्ट भवन सिथत सभा-कक्ष में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि पेयजल एवं स्वच्छता के तहत आने वाले योजना कि राषि व्यकितगत रूप न देकर पंचायतों को दिया जाए। पंचायत स्वयं फैसला ले कि गाँव में कहाँ निर्माण कार्य किया जाए। पेयजल से संबंधित योजना के लिए पी0पी0पी0 को लागू करने का निदेष उन्होंने दिया। उन्होंने कहा कि विभाग कराए जाने वाले कार्य का आधारभूत विषेषताएं एवं मापदण्ड (बेसिक पारामीटर) तथा दर का निर्धारण करें और कार्य एजेंसी को सौंप देें।

मुख्य सचिव ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री सुधीर प्रसाद को यह निदेष दिया कि योजना में पारदर्षिता के मíेनजर पंचायतों के खातो में सीधे राषि का हस्तांतरण करें। पंचायतों के बैंक खाते का नम्बर एवं राषि का पूरा ब्योरा वेबसार्इट पर उपलब्ध हो ताकि आम लोग जान सके कि कितनी राषि किस पंचायत को किस योजना के लिए जारी की गर्इ है। राषि के हस्तांतरण में अगर कोर्इ समस्या आति है तो संबंधित विभाग बैठक कर जल्द इसका निराकरण करें।

श्री शर्मा ने कहा कि गाँव में बनने वाले शौचालए के लिए पंचायतों को छूट दी जाए कि वह किस प्रकार का निर्माण चाहते हैं। अगर तीन परिवार मिल कर शौचालय बनवाने के लिए तैयार हो तो आधुनिक तकनीक से निर्मित प्री-फैबरीकेटेड शौचालय का निर्माण करवाया जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण स्तर पर रख-रखाव खास कर चापाकलों के लिए पंचायतों को ही जिम्मेवारी सौंपा जाए। विभाग मरम्मत की राषि पंचायतों को सीधे प्रदान करें। चापाकल के निर्माण के लिए विभाग केवल दर, क्वालिटि और एजेंसी निर्धारित करे तथा निर्माण कार्य पंचायतों को सौंप दें।

मुख्य सचिव ने कहा कि शहरी पेयजल व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने के लिए बिजली की तरह पानी के कनेक्षन को भी फ्रेंचार्इजी को सौंपा जाए। पेयजल एवं स्वच्छता में होने वाले समस्या के निवारण के लिए काल सेंटर के कार्य में और तेजी लाने का निदेष दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *