DBT can benefit people at ground zero,says CM Hemant Soren

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Representational Pic courtesy: ambala.nic.in

Jharkhand Chief Minister Hemant Soren today harped upon the need to use direct-benefit-transfer programme (DBT) to clamp down on massive in efficiencies and corruption.

In fact,DBT,UPA government’s ambitious programme,can replace existing subsidies with direct-cash-payments and plug leakages.

”Kerosene and LPG subsidy pilot tests show substantial savings are possible.Re invested,a share of these monies could reduce income inequality,which in turn is likely to drive a rural consumption boom”,reads a special report entitled Welfare plumbing,published by CLSA,Asia-Pacific markets.

A press release issued by public relations department in Hindi gave details of the DBT programme organized at Hotel Capitol Hill in Ranchi today.These are as follows:

सरकार की योजनाओं को समाज के अनितम पायदान पर खड़े व्यकित तक पहुँचाने के उíेष्य हेतु आधुनिकतम तकनीक को अपनाने में कोताही नहीं बरतें, तकनीक वह माध्यम है, जिससे कम समय में अधिक उपलबिध प्राप्त की जा सकती है। तकनीक को अपनाएं और आगे बढ़ें। माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने उपरोक्त बातें आज स्थानीय होटल कैपिटल हिल में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बौद्धिकतावाद तथा विज्ञान-प्रौधोगिकी को कर्इ राज्यों ने अपनाया है। वही सोंच, वही संसाधन हमारे पास भी उपलब्ध हैं तब विकास के स्तर में अन्तर तकनीक से लाभ उठाने एवं अपनी मानसिकता के कारण है। पुरानी परम्परा के तहत चल रही व्यवस्था से यधपि कर्इ उपलबिध्याँ हासिल हुर्इ हैं, परन्तु बिचौलियों के कारण लाभुकों तक लाभ पहुँचाने में विलम्ब होता रहा है। व्यवस्था के सरलीकरण के लिए जिम्मेवारी लेते हुए संकलिपत हो कार्य करने की आवष्यकता है। लोगों को लाभानिवत करने के लिए सरकार और बैंकों साथ मिलकर काम करना होगा ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ सही समय पर लोगों तक पहुँचे। राषि की कमी नहीं है, सरकार हर सम्भव सहयोग के लिए तैयार है।

श्री सोरेन ने कहा कि राज्य में डीबीटी को लागू कर बेहतर व्यवस्था एवं बेहतर सुविधाएं आमजन को दी जाय। उन्होंने कहा कि झारखण्ड में प्रगति को एक चुनौति के रूप में लेते हुए कार्य करने की आवष्यकता है। अधिकारियों को वर्र्कफ्रेंडली बनना होगा तभी बेहतर परिणाम सामने आएंगे। बैंक अधिकारियों को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बैंक एक माध्यम है, लाभुकों को लाभ पहुँचाने के लिए। वे अपने डिपोजिट मात्र को न दखें, एक फ्लो तैयार करें।

इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री आर0 एस0 शर्मा ने प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के औचित्य को रिसाव युक्त पाइप के उदाहरण द्वारा प्रभावी तरीके से समझाया। उन्होंने कहा कि जिस तरह सुचारू जलापूर्ति के लिए रिसाव वाली पाइप की मरम्मत जरूरी है ठीक उसी तरह सरकारी सहायय राशि ( सबिसडी) के सार्थक उपयोग के लिए संपूर्ण प्रक्रिया की स्ट्रीम लाइनिंग आवश्यक है।

लोगों को सीधे लाभ पहुँचा कर समाज के दबे कुचले को सहायता पहँुचाना उíेष्य है, जिसमें प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण बेहतर सुविधा मुहैया करा सकता है। इसके लिए आवष्यक है कि लाभुकों के डिजिटाइजेशन से प्रारंभ कर बैंक अकाउंट के साथ उनके आधार नंबर की ष् सीडिंग ष् तक की पूरी प्रक्रिया में हर स्तर पर तत्परता से काम किए जाएं।

इसी तरह यदि व्यकित का स्थानांतरण हो जाये तो डीबीटी में पोर्टिब्लिटी की सुविधा मिलनी चाहिए जिससे कि स्थान परिवर्तन के उपरांत भी लाभुक लाभ पाने से वंचित न रह जाय। श्री शर्मा ने बैंक के वरीय पदाधिकारियों से कहा कि खाते में प्रत्यक्ष हस्तांतरण के इस महायज्ञ में उन्हें भी अपने हिस्से की आहुति पूरी र्इमानदारी के साथ देनी है। वास्तव में डीबीटी को पूरी तरह से लागू करने की दिशा में एक बड़ा रोड़ा है कि यूआर्इडी नंबर का बैंक खाते के साथ सीडिंग होने में विलंब होता है। इसके लिए मुख्य सचिव ने बैंक को संबोधित करते हुए कहा कि यूआर्इडी सीडिंग एक वन टार्इम प्रकिया है, एक बार इसे पूरा करने के बाद लाभुक किसी भी एन.एस.ए.पी का लाभ उठा सकता है। उन्होंने कहा कि काम को समय पर ही पूरा किया जाएगा, अन्यथा राज्य इसके लिए वैकलिपक व्यवस्था पर विचार कर सकता है। इसी क्रम में उन्होंने माइक्रो एटीएम की स्थापना को भी महत्वपूर्ण बताया।

सूचना प्रौधोगिकी विभाग के प्रधान सचिव श्री एन0एन0सिन्हा ने डीबीटी के तकनीकी पहलुओं से अवगत कराया साथ राज्य के विभिन्न जिलों मे इस दिषा में अब तक हुर्इ कार्रवार्इ एवं उपलबिधयों पर प्रतिवेदन के माध्यम से जानकारी दी।

वित्त विभाग के प्रधान सचिव सह राज्य नोडल पदाधिकारी, डीबीटी श्री सुखदेव सिंह, ने राज्य में डी0बी0टी0 के माध्यम से आधार आधारित लाभ लाभुकों तक देने के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। कार्यषाला में प्रधान सचिव ग्रामीण विकास विभाग श्री आर0एस0पोददार, श्रम नियोजन तथा प्रशिक्षण विभाग के प्रधान सचिव श्री विष्णु कुमार, यूआर्इडीएआर्इ की उपमहानिदेशक श्रीमती सुजाता चतर्ुवेदी सहित सभी जिलों के उपायुक्त, उप विकास आयुक्त एवं वरीय पदाधिकारीगण कार्यशाला में समिमलित हुए।

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