CM Arjun Munda news

Press Release

माननीय राज्यपाल-सह-कुलाधिपति डा0 सैयद अहमद ने राज्य के मानव संसाधन विकास विभाग को निदेष दिया है कि राज्य के विष्वविधालय अधिनियम में आवष्यक संषोधन हेतु अपने स्तर से एक उच्चस्तरीय समिति का गठन करें, जिसमें राज्य के प्रमुख षिक्षाविदों को रखा जाय। माननीय राज्यपाल आज राजभवन में राज्य के विष्वविधालयों के काम-काज की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में विकास आयुक्त श्री देवाषीष गुप्ता, राज्यपाल के प्रधान सचिव श्री आदित्य स्वरूप, मानव संसाधन विकास विभाग के प्रधान सचिव, कृषि सचिव, उच्च षिक्षा निदेषक सहित राज्य के सभी विष्वविधालयों के कुलपति, प्रतिकुलपति, कुलसचिव आदि उपसिथत थे।

माननीय राज्यपाल ने कहा कि न्यायालय में अत्यधिक वाद विष्वविधालयों के कार्यक्षमता को दर्षाता है, यदि विष्वविधालय स्तर पर ही समाधान हो जायेगा, तब कोर्इ व्यकित क्यों कोर्ट जायेगा? उन्होंने कहा कि षिक्षक एवं   कर्मी को सेवानिवृ  का लाभ तीव्रता से प्रदान करें, भविष्य में कोर्इ दिक्कत अथवा परेषानी न हो, इस हेतु बजटीय प्रावधान करें। राज्यपाल ने यह भी निदेष दिया कि उच्च षिक्षा निदेषक की अध्यक्षता में एक कमिटी गठित करें, जिसमें राँची विष्वविधालय, कोल्हान विष्वविधालय एवं नीलाम्बर-पीताम्बर विष्वविधालय के प्रतिनिधि भी सदस्य रहेंगे। यह समिति शीघ्र ही तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग के कर्मियों कर्मियों के पदों का बंटवारा करेंगी।

माननीय राज्यपाल-सह-कुलाधिपति ने यह भी निदेष दिया कि सभी विष्वविधालय 31 दिसम्बर तक अंकेक्षण कार्य पूरा कर लें। उन्होंने यह भी निदेष दिया कि सभी विष्वविधालय षिक्षक एवं षिक्षकेŸार कर्मियों की उपसिथति हेतु बायोमेटि्रक पद्धति 31 दिसम्बर तक लागू कर दें। उन्होंने यह भी निदेष दिया कि 31 दिसम्बर तक विष्वविधालय के सभी नवगठित समितियों की बैठक हो जानी चाहिये।

माननीय राज्यपाल ने सभी कुलपतियों को निदेष दिया कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान को मान्यता तभी दी जाय, जब यह सम्पुष्ट हो जाय कि वह राज्य सरकार व भारत सरकार के द्वारा निर्धारित अर्हता को पूर्ण करता हो।

माननीय राज्यपाल ने सभी कुलपतियों को निदेष दिया कि किसी भी प्रकार की सूचना, परीक्षा-परिणाम इत्यादि की जानकारी अविलम्ब अपने वेबसाइट पर दें। उन्होंने यह भी निदेष दिया कि विधार्थियों को अंकपत्र, प्रमाण-पत्र, प्रवर्जन प्रमाण-पत्र निर्धारित समय पर सुलभ करायें। बैठक में यह भी निदेष दिया गया कि कोर्इ भी नया पाठयक्रम तभी प्रारम्भ करें, जब उस हेतु आवष्यक आधारभूत संरचना तैयार कर लें।

माननीय राज्यपाल ने कहा कि स्वीकृत पदों से अधिक नियुकित कौन-कौन विष्वविधालयों के द्वारा की गर्इ है, तथा किसके द्वारा की गर्इ है, इसका एक रिपोर्ट अविलम्ब राजभवन में समर्पित करें। माननीय राज्यपाल ने सभी विष्वविधालयों को निदेष दिया कि वे मानव संसाधन विकास विभाग से बेहतर समन्वय रखें, इससे कर्इ समस्याओं का समाधान नीचे के स्तर पर ही हो जायेग। उन्होंने बैठक में उपसिथत कल्याण विभाग के पदाधिकारियोंं को निदेष दिया कि विभाग द्वारा संचालित छात्रावासों को बेहतर बनायें, सम्प्रति उनकी सिथति अत्यन्त खराब है। उन्होंने सभी कुलपतियों से कहा कि लड़कियों एवं लड़कों के लिए पृथक-पृथक शौचालयकामन रूम की व्यवस्था करें।

कुलाधिपति महोदय ने निदेष दिया कि सभी विष्वविधालयों का एक कामन कैलेण्डर हो, इस हेतु राँची विष्वविधालय के कुलपति की अध्यक्षता में बैठक करें। इसमें सभी वि0वि0 के कुलसचिव समिमलित होकर इसका निर्धारण करें। माननीय राज्यपाल ने यह भी निदेष दिया कि यू.जी.सी. के सभी योजनाओं का लाभ राज्य के वि0वि0 लें तथा समय पर उपयोगिता प्रमाण-पत्र प्रेषित करें, ताकि और सहायता प्रदान हो सके। उन्होंने यह भी निदेष दिया कि छात्र संघ का चुनाव कानूनी प्रक्रिया के अधीन करार्इ जाय। उन्होंने यह भी निदेष दिया कि तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मियों की नियुकित विष्वविधालय कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से करें।

माननीय राज्यपाल ने कहा कि विष्वविधालय अपने शैक्षणिक स्तर को और बेहतर बनायें, इस हेतु सभी मिलकर कार्य करेंं। छोटी-छोटी बातों में समय बर्बाद न करें। युवाओं में खेल एवं पढ़ार्इ के प्रति दिलचस्पी पैदा करें।

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राँची0 दिनांक 05 Nov 2012- मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुण्डा ने श्री हेनमन बागे, तत्कालीन प्रशाखा पदाधिकारी, कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग, सम्प्रति अवर सचिव, वन एवं पर्यावरण विभाग के लिए निन्दन की सजा हेतु आदेश दिया है।

श्री बागे पर श्री गणेश प्रसाद, झारखण्ड प्रशासनिक सेवा, बन्दोबस्त पदाधिकारी, हजारीबाग (सेवानिवृत) के विरूद्ध अनुशासनिक कार्रवार्इ से सम्बनिधत संचिका को विलम्ब से उपस्थापित करने का आरोप है। संचिका निष्पादन हेतु सामान्यत: प्रत्येक स्तर पर तीन दिन की अपेक्षा है, उसके स्थान पर सत्तर दिनों का विलम्ब अस्वीकार्य है।

कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग, की एक अन्य संचिका पर मुख्यमंत्री ने श्री वीर प्रकाश प्रसाद, तत्कालीन प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, चंदवा, लातेहार सम्प्रति अंचल अधिकारी बाघमारा, धनबाद के विरूद्ध प्राप्त प्रपत्र  पर बार-बार स्मार पत्र के बावजूद स्पष्टीकरण के जवाब नहीं देने को गम्भीरता से लेते हुए विभागीय कार्रवार्इ के संचालन हेतु आदेश दिया है। श्री श्याम सुन्दर प्रसाद, विभागीय जाच पदाधिकारी को संचालन पदाधिकारी तथा श्री दिलीप कुमार, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, लातेहार को उपस्थापन पदाधिकारी बनाया गया है।

मुख्यमंत्री ने श्री ललन कुमार, झारखण्ड प्रशासनिक सेवा तत्कालीन प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, मोहनपुर (जिला-देवघर) सम्प्रति अंचल अधिकारी चौपारण के विरूद्ध पाच वेतन वृद्धियों के संचयात्मक प्रभाव से रोकने का आदेश दिया है। इनके विरूद्ध मुख्यालय में उपलब्ध नहीं रहने, अभिलेख एवं पंजी को संधारित नहीं करने, अनेकों योजनाओं से सम्बनिधत लाभुको को चेक नहीं देने, योजनाओं के प्रति गंभीरता नहीं दिखाने प्राक्कलित राशि से अत्यधिक का भुगतान समेत अनेकों आरोप है।

कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग, की एक अन्य संचिका पर मुख्यमंत्री ने श्रीमती विभा कुमारी, राज्य प्रशासनिक सेवा की सेवानिवृत पदाधिकारी के पेंशन रूल्स के नियम 43 (इ) के तहत पेंशन से पाच प्रतिशत की कटौती का आदेश दिया है।

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राँची, दिनांक 05 नवम्बर, 2012- मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुण्डा ने राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या- 31 राँची-गुमला विरमित्रपुर हेतु राज्य सरकार के बजटीय उपबंध से कार्य कराये जाने की प्रशासनिक स्वी—ति दी है। यह राष्ट्रीय पथ झारखण्ड एवं छत्तीसगढ़ राज्य को जोड़ता है। दोनों राज्यों की लार्इफ लार्इन होने के कारण यातायात की दृषिटकोण से 208 किलोमिटर लंबी एन0एच0- 23 व्यस्त मार्ग है जिससे होकर छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश राज्यों के लिए आवागमन होता है। यधपि यह भारत सरकार की संपति है, फिर भी राज्य सरकार द्वारा मंत्रालय के भविष्य में स्वी—ति की प्रत्याशा में इसे उपेक्षित नहीं छोड़ा जा सकता है। अंतर राज्यीय महत्व की इस सड़क में जनहित तथा कार्यहित में सुधार आवश्यक है।

क्रमांक पथांश रा0उच्च पथ- 23 प्रशासनिक स्वी—ति की राशि (रू0)
1. 13 से 26 कि0मी0 8,77,63,400=00
2. 151 से 166 कि0मी0 9,20,02,700=00
3. 111 से 122 कि0मी0 6,49,62,000=00

इसी प्रकार से राष्ट्रीय उच्च पथ- 31 के भी निम्नांकित पथांशों के राइडिंग क्वालिटी में सुधार राज्य की बजटीय निधि से कराए जाने की प्रशासनिक स्वी—ति उन्होंने दी है :-

क्रमांक पथांश रा0उच्च पथ- 31 प्रशासनिक स्वी—ति की राशि (रू0)
1. 36 से 43 कि0मी0 03,84,02,000=00
2. 1 से 15 कि0मी 06,50,20,000=00
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राँची, दिनांक 05 नवम्बर, 2012- मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुण्डा ने श्री शशि प्रकाश तत्कालीन जिला अभियंता, जिला परिषद खूटी के विरूद्ध अभियोजन स्वी—ति का आदेश दिया है। इनके विरूद्ध पदस्थापन काल में पद का भ्रष्ट दुरूपयोग करते हुए अन्य सह-अभियुक्तों की मिलीभगत से जालसाजी एवं धोखाधड़ी कर खूटी जिले में सांस्—तिक भवन के निर्माण हेतु आवंटित सरकारी धन राशि 58, 81, 200- रूपये में से मात्र 16, 53,500- का कार्य संम्पादन कराकर शेष धनराशि के गबन का प्रथम दृष्टया अपराध बनता है।

स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग की एक संचिका पर विचार करते हुए मुख्यमंत्री डा0 अमरनाथ प्रसाद, अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, जिला परिवार कल्याण ब्यूरो, पक्षिमी सिंहभूम, चार्इबासा के विरूद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा- 7/13 (2) एवं धारा- 13 (1)(क) के उपबंधों के अधीन अभियोजन स्वी—ती का आदेश दिया है। दिनांक- 03.08.12 को निगरानी धाबा दल द्वारा 10, 000- (दस हजार रूपये) रिश्वत लेते हुए श्री प्रसाद रंगे हाथ पकड़ गये थे।

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राँची, दिनांक 05 नवम्बर, 2012- मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुण्डा ने श्री अभिषेक श्रेष्ठ, तत्कालीन सहायक अभियंता, रिंग रोड, अवर प्रमण्डल-2, के विरूद्ध विभागीय कार्रवार्इ चलाने के आदेश दिया है।

श्री श्रेष्ठ, सम्प्रति निलंबित के विरूद्ध अपनी पत्नी श्रीमती सुरभी लोहानी को दहेज के लिए शारीरिक एवं मानसिक रूप से प्रताडित करने का आरोप है। इस सम्बन्ध में श्री श्रेष्ठ राची महिला थाना कांड संख्या- 3011 दिनांक- 21.10.2011 धारा 498 (ए)50634 भा0द0वि0 एवं 34 दहेज निरोध अधिनियम के तहत प्राथमिकी अभियुक्त है। पुलिस अनुसंधान ने कांड सत्य पाया गया है। श्री अभिषेक श्रेष्ठ निलंबित सहायक अभियंता का —त सरकारी सेवक आचार नियमावली-1976 के नियम-3 के प्रतिकूल है।

श्री श्रेष्ठ, निलंबित सहायक अभियंता के विरूद्ध गठित आरोप के जाच के लिए श्रीमती शीला किस्कू रपाज, भा0प्र0से0 (सेवा निवृत) विभागीय जाच पदाधिकारी, झारखण्ड को संचालन पदाधिकारी एवं श्री श्यामानन्द झा, प्रशाखा पदाधिकारी, प्रशाखा-4 पथ निर्माण विभाग, झारखण्ड, राँची को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया गया है।

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