विकास संबंधित आँकड़ों के सग्रहण और परिवर्तनशील…

Press Release

Central Stastistical Organigationराँची, दिनांक-13 अगस्त, 2012

मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुण्डा ने मानव विकास सूचकांक के मानकों से देश के हरेक नागरिक, खासकर सूदूरवत्र्ती क्षेत्रों के निवासियों को जोड़ने की जरूरत को रखांकित करते हुए कहा कि आँकड़ों में सनिनहित सूचनाओं की सत्यता से विश्वसनीयता का संचार होता है। तथ्यात्मक आँकड़ों से योजना बनाने से लेकर प्राथमिकताओं के तय करने एवं उनके कार्यान्वयन में सहूलियत होती है। इससे नीतिगत मामलों के लिए आवश्यकता आधारित क्षेत्रों की पहचान होती है एवं शासन की गुणवत्ता में इजाफा होने के साथ-साथ लोक उत्तरदायित्व की भावना अधिकारिक बलवती होती है। मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुण्डा आज मुख्यमंत्री आवास में राज्य सरकार के योजना एवं विकास विभाग के अर्थ एवं सांखियकी निदेशालय के साथ भारत सरकार के सांखियकी एवं कार्यक्रम संगठन (Central Stastistical Organigation CSO) के बीच स्टेट स्ट्रेटेजिक स्टेटिसिटकल प्लान (State Strategic Statostocal) के लिए एम0ओ0यू0 हस्ताक्षरित किए जाने के अवसर पर संबोधित कर रहे थे। मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार श्री मथुरा प्रसाद महतो, मंत्री, समाज कल्याण, श्रीमती विमला प्रधान की उपसिथति में झारखण्ड सरकार की ओर से सचिव, योजना एवं विकास विभाग, श्री अविनाश कुमार एवं केन्द्रीय सांखियकी संगठन (सी0एस0ओ0) भारत सरकार के संयुक्त सचिव, श्री अरविन्द कुमार ने एम0ओ0यू0 पर हस्ताक्षर किए।

मुख्यमंत्री ने स्थानीय स्तर पर विकास संबंधित आँकड़ों के सग्रहण और परिवर्तनशील राजकोषीय आँकड़ों के विश्लेषण को रेखांकित करते हुए कहा कि सही आँकड़ों की कमी के कारण हम अपने विकास को लक्षित करने मे पिछड़ते हैं, साथ ही जीवन स्तर सुधार के क्षेत्र में नित हो रही प्रगति का विश्लेषण भी समय पर नहीं कर पाते हैं। आँकड़ें राज्य घरेलू उत्पाद (एस0डी0पी0) का अनुमान सहित सार्वजनिक क्षेत्रों के पूँजी निर्माण तथा बचत के आकलन के लिए जरूरी हैं।

कृषि , पशुपालन, पेयजल स्वच्छता, थोकउपभोक्ता मूल्य सूचकांक, राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण में राज्य की भागीदारी के लिए सांखियकीय आँकड़ों के संग्रहण हेतु बेहतर प्रणाली के लिए शीघ्र सारी व्यवस्थाएँ करने का निदेश संबंधित अधिकारियों को दिया। इस संबंध में उन्होंने कहा कि सभी विभागों के आँकड़ों के समन्वय तथा सूचना संचार तकनीक (प्ब्ज्) प्रणाली विकसित करने हेतु तीन माह के भीतर अर्थ एवं सांखियकी निदेशालय के सुदृढ़ीकरण के लिए अतिरिक्त कार्यबल के सृजन की कार्रवार्इ पूरी कर लें। इससे हम आने वाली पीढि़यों को भावी विकास का आधार प्रदान कर सकेगे ।

स्चिव, सांखियकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय, भारत सरकार डा0 टी0सी0ए0 अनन्त ने कहा कि विकासात्मक अर्थशास्त्र के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए वस्तुनिष्ठ सांखियकी विश्लेषण आवश्यक है। सांखियकी मानवीय आर्थिक गतिविधियों को प्रस्तुत किए जाने का तकनीकी माध्यम है। इस एम0ओ0यू0 से झारखण्ड राज्य में राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर आँकड़ों का संग्रहरण एवं उनका त्वरित विश्लेषण संभव हो सकेगा। इस अवसर पर विकास आयुक्त श्री देवाशीष गुप्ता, अपर मुख्य सचिव, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, श्री सुधीर प्रसाद, प्रधान सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, श्री के0 विधासागर, प्रधान सचिव, कृषि एवं गन्ना विकास विभाग, श्री अरूण कुमार सिंह ने विभागीय आँकड़ों के संग्रहण एवं प्रस्तुतीकरण पर प्रकाश डाला। सचिव, योजना एवं विकास विभाग श्री अविनाश कुमार ने स्टेट स्ट्रैटेजिक स्टैसिटटीकल प्लान के महत्वपूर्ण आवयवों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर प्रधान सचिव, सूचना प्रोधौगिकी विभाग, श्री एन0एन0 सिन्हा एवं कृषि निदेशक, श्री के0के0 सोन, निदेशक अर्थ एवं सांखियकी श्रीमती आरती वर्मन सहित सभी संबंधित पदाधिकारी उपसिथत थे।

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