अर्जुन मुण्डा ने किसानों की समस्याओं को रेखांकित करते हुए कहा कि कृषि एवं सिंचार्इ की जरूरतों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है

Press Release

राँची, 14 जुलार्इ, 2012

मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुण्डा ने किसानों की समस्याओं को रेखांकित करते हुए कहा कि कृषि एवं सिंचार्इ की जरूरतों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। अतएव केन्द्र सरकार को सिंचार्इ परियोजनाओं के लिए वन भूमि के इस क्षेत्र के बदले जमीन हस्तांतरण की बाध्यता समाप्त करनी चाहिए। सिंचार्इ परियोजनाओं के असितत्व में आने से कृषि , सिंचार्इ, पेयजल के साथ-साथ पेड़-पौधों एवं जीव-जंतुओं को भी लाभ होता है। उन्होंने कहा कि विगत पलामू प्रमंडल के दौरे के क्रम में उन्होंने लंबित सिंचार्इ परियोजनाओं की समीक्षा की थी जिनमें उत्तर कोयल सिंचार्इ परियोजना के कुटकु डैम और बटाने डैम भी शामिल रही। राज्य सरकार इन सिंचार्इ परियोजनाओं को चालू किए जाने के प्रति गम्भीर है। इस संबंध में केन्द्र सरकार के साथ भी लगातार पत्राचार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री आज अपने आवास पर माननीय सांसद श्री सुशील कुमार सिंह, औरंगाबाद (बिहार) एवं माननीय, सदस्य बिहार विधान सभा डा0 अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल से वार्ता कर रहे थे।

मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुण्डा ने कहा कि कुटकु (मंडल) डैम से पलामू जिले के कुछ भू-भाग को सिंचार्इ की सुविधा मिलेगी वहीं मेदिनीनगर (डालटेनगंज), एवं लातेहार जिले को पेयजल की सुविधा मिलेगी, साथ ही 25 मेगावाट पनबिजली भी झारखण्ड राज्य को मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस मुíे पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित Ñषि विषयक सम्मेलन सहित संसद में भी उन्होंने पूर्व में चर्चा की है। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल से कहा कि संबंधित क्षेत्र के झारखण्ड एवं बिहार के माननीय सांसदों को संयुक्त रूप से प्रयास करना चाहिए। राज्य सरकार अपनी ओर से भरपूर प्रयास करेगी।

सांसद, श्री सुशील कुमार सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री अर्जुन  मुण्डा से हुर्इ वार्ता सकारात्मक रही। उन्होंनेे मामले को गम्भीरता से लेते हुए सम्यक कार्रवार्इ का आश्वासन दिया है। उत्तर कोयल सिंचार्इ परियोजना झारखण्ड एवं बिहार दोनों राज्यों के लिए महत्वपूर्ण है। इस परियोजना के पूर्ण होने से 1 लाख 24 हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचार्इ की सुविधा मिलेगी। इसके पूरे होने से प्रतिवर्ष लगभग दो हजार करोड़ रू0 की खरिफ एवं रबी फसल का उत्पादन होगा जो राष्ट्रीय खाध सुरक्षा कानून की गारण्टी का लक्ष्य पूरा करने में हितकर साबित होगा है।

प्रतिनिधिमंडल में शामिल माननीय विधायक, कोच (गया, बिहार) डा0 अनिल कुमार ने कहा कि कुटकु डैम में जल के भंडारण हेतु लोहे का फाटक लगाने पर वन एवं पर्यावारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा रोक लगा दी गर्इ है। बिहार एवं झारखण्ड दोनों राज्यों की सरकारें इस परियोजना को चालू करने की इच्छुक हैं। प्रतिनिधिमंडल में श्री रवीन्द्र कु0 सिंह, मनोज कु0 सिंह सहित प्रभावित इलाके के किसान एवं जन प्रतिनिधि शामिल थे।

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