सैयद अहमद ने कहा है कि बच्चों की शिक्षा में नैतिकता का समावेष अनिवार्य

Press Release

 State Accountability

माननीय राज्यपाल डा0 सैयद अहमद ने कहा है कि बच्चों की शिक्षा में नैतिकता का समावेष अनिवार्य रूप से होनी चाहिये। साथ ही, शिक्षा में आध्यातिमकता भी रहे तभी हमारी अगली पीढ़ी नैतिकता से पूर्ण सभ्य एवं सुसंस्कृत होगी। उन्होंने कहा कि यह एक सामाजिक जरूरत है। उन्होंने कहा कि बच्चों को षिष्टाचार का पाठ प्रारम्भ से ही घर एवं विधालय में प्रदान की जाय ताकि उनमें आगे जाकर नैतिकता की भावना प्रबल हो। उक्त बातें माननीय राज्यपाल आज होटल रेडिसन ब्लू, राँची में  “Initiative to Combat Trafficking of Women and Girls: State Accountability and Community Action” विषय पर आयोजित एक राज्यस्तरीय कार्यषाला का उदघाटन करते हुए कही। कार्यषाला में श्रीमती विमला प्रधान, मंत्री, समाज कल्याण एवं महिला बाल विकास विभाग, श्री आदित्य स्वरूप, राज्यपाल के प्रधान सचिव, श्रीमती सुषमा कपूर, डी.पी.आर.डी., यू0एन0 वूमैन, साउथ एषिया रिजनल आफिस, श्री जाब जकाडि़या, प्रमुख, यूनिसेफ, झारखण्ड के अतिरिक्त बड़ी संख्या में राज्य के बुद्धिजीवी, पुलिस पदाधिकारीगण, स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधिगण उपसिथत थे।

माननीय राज्यपाल ने कहा कि महिलाओं एवं लड़कियों का Combat Trafficking होना किसी भी सभ्य समाज के माथे पर कलंक एवं शर्मनाक है, लेकिन यह भी कटु सत्य है कि हमारे राज्य सहित देष के अन्य राज्यों में यह हो रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं और लड़कियों को समुचित सुरक्षा का परिवेष सुलभ कराये बिना किसी भी विकसित मानव समाज और सभ्यता की कल्पना करना दुष्कर है। उन्होंने कहा कि हमारे लिए वास्तव में यह चिंता की बात है कि नारी सशकितकरण के इस युग में जहाँ महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करने की प्रतिबद्धता पूरा देश दिखा रहा है, वहीं दूसरी ओर समाज में महिलाओं और लड़कियों का अपसारण जैसी शर्मनाक घटना घटित हो रही है। स्वामी विवेकानन्द ने कहा था कि ”महिलाओं की सिथति में सुधार लाये बिना समाज एवं देश का कल्याण असंभव है, ठीक उसी प्रकार जिस तरह एक पंख से उड़ान भरना है। माननीय राज्यपाल महोदय ने कहा कि मात्र कानून से ही अपसारण पर नियंत्रण संभव नहीं है जब तक कि लोगों के विचार में बदलाव न आये। उन्होंने कहा कि समाज को महिलाओं एवं लड़कियों के प्रति संवेदनषील होने की जरूरत है।

इस अवसर पर समाज कल्याण एवं महिला बाल विकास मंत्री श्रीमती विमला प्रधान ने कहा कि महिलाओं और लड़कियों के कल्याणार्थ राज्य सरकार द्वारा कर्इ कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने ग्रामीण परिवेष में काम मिले, इस हेतु भी सरकार कार्यरत है। बालिकाओं के उत्थान हेतु प्रारम्भ मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, लाडली लक्ष्मी योजना इत्यादि प्रभावी सिद्ध हो रही है। लड़कियों मे शिक्षा के प्रति रूझान बढ़े, इस हेतु भी कर्इ योजनायें चलार्इ जा रही है।

इस अवसर पर राज्यपाल के प्रधान सचिव श्री आदित्य स्वरूप ने कहा कि हमारा समाज पुरूष प्रधान मानसिकता वाला समाज है। इस मानसिकता में परिवर्तन लाना आवष्यक है। उन्होंने कहा कि महिलाओं पर हो रहे अपराध पर रोकथाम हेतु त्वरित न्याय की व्यवस्था हो तथा कठोर कानून बने। न्याय प्रक्रिया लम्बा होने से अपराधी जमानत लेकर जेल से बाहर हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस बल व नौकरियों में तथा जनप्रतिनिधियों में महिलाओं की भागीदारी अधिक-से-अधिक हो।

कार्यषाला में श्रीमती सुषमा कपूर, डी.पी.आर.डी., यू0एन0 वूमैन, साउथ एषिया रिजनल आफिस ने अपने सम्बोधन में कहा कि महिलाओं का अपसारण मानवाधिकार का हनन है। उन्होंने कहा कि एक आँकड़े के अनुसार 200 लाख लोगों का अपसारण प्रत्येक वर्ष होता है जिसमें 80 प्रतिषत महिलायें एवं बच्चे समिमलित हैं। उन्होंने कहा कि देष में 10 लाख महिलायें देह-व्यापार से जुड़ी हैं। उन्होंने कहा कि यह एक नियोजित अपराध है। महिलाओं के विरूद्ध अन्याय व उत्पीड़न अब मान्य नहीं होगा, न इस हेतु माफी होगी और न बर्दास्त की जायेगी। इस अवसर पर यूनिसेफ के राज्य प्रमुख श्री जाब जकाडि़या ने कहा कि महिलाओं का अपसारण एक विष्वव्यापी सुनियोजित मानव-व्यापार है। उन्होंने कहा कि 90 हजार करोड़ रूपये से भी अधिक का यह व्यापार है। उन्होंने कहा कि सरकार के कल्याणकारी एवं विकास सम्बन्धी कार्य ग्राम स्तर पर कठोरता से क्रियानिवत हो ताकि लोगों को गाँव में काम मिले। प्रत्येक बच्चे निषिचत रूप से विधालय जाय।

इस अवसर पर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती हेमलता एस0 मोहन ने कहा कि वर्Ÿामान समाज में भी डायन प्रथा, कन्या-भ्रूण हत्या इत्यादि व्याप्त है जो समाज को शर्मसार करती है। आरम्भ में वासवी किड़ो ने अतिथियों का स्वागत किया। धन्यवाद ज्ञापन श्रीमती अंजू पाण्डे ने की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *