समाज कल्याण विभाग के जीवन आशा योजना के उदघाटन

Press Release

महामहिम राज्यपाल के सलाहकार श्री मधुकर गुप्ता ने कहा कि जहाँ समस्याएं होती हैं, वहीं चुनौतियां भी होती है। कुपोषण ऐसी ही समस्या है, जिसे चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए इसके निराकरण हेतु सभी को मिलकर कार्य करने की आवश्यकता है।

श्री मधुकर गुप्ता आज स्थानीय डोरण्डा सिथत वन विभाग के सभागार में समाज कल्याण विभाग के जीवन आशा योजना के उदघाटन अवसर पर उपसिथत लोगों को सम्बोधित कर रहे थे। योजना का शुभारम्भ महामहिम राज्यपाल द्वारा आनलार्इन किया गया।

अपने सम्बोधन में श्री मधुकर गुप्ता ने राज्य में कुपोषण की गम्भीर समस्या को चिनिहत करते हुए कहा कि समाज कल्याण विभाग, स्वास्थ्य एवं यूनिसेफ के संयुक्त तत्वाधान में आरम्भ की जा रही इस योजना की सफलता विभागों के समन्वय पर आधारित है। हम सभी को पूरी प्रतिबद्धता के साथ इस हेतु कार्य करने की आवश्यकता है। राज्य स्तर पर किसी प्रकार के निर्णय, नीतिगत निदेश की आवश्यकता हो तो सरकार स्तर पर हमारा पूरा सहयोग रहेगा। यह योजना सामुदायिक स्तर पर लागू की जा रही है। अत: इसके सफलता के हम सभी पूर्ण आशानिवत हैं। उन्होंने सरकारी संस्थाओं एवं गैर सरकारी संस्थाओं से इस योजना के कार्यान्वयन में सहयोग की अपील करते हुए अपेक्षा की कि इससे निर्धारित समय सीमा दो वर्ष के भीतर राज्य कुपोषण से मुä होगा।

कार्यक्रम में मुख्य सचिव श्री एस0के0चौधरी ने कहा कि झारखण्ड के ग्रामीण क्षेत्रों में कुपोषण गरीबी से जुड़ी समस्या है। जीवन आशा योजना इस समस्या के निदान में पूर्ण कारगर होगा। यह एक चुनौती है, यदि प्रतिबद्ध होकर काम करें तो सफलता तय है।

इस अवसर पर प्रधान सचिव समाज कल्याण श्री मृदुला सिन्हा ने जीवन आशा योजना के विभिन्न अवयवों को विस्तार से रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत कुपोषित बच्चों की पहचान की जा चुकी है, जिन्हें आवश्यकता अनुसार छ: से आठ सप्ताह तक चिकित्सीय आहार उपलब्ध कराए जाएंगे। कुपोषित बच्चों की सारी देख- रेख सहिया, आंगनबाड़ी सेविकाएं एवं ए0एन0एम0 के माध्यम से करार्इ जाएंगी। पंचायत स्तर से भी कुपोषित बच्चों को आंगनबाड़ी केन्द्रों तक पहुँचाने हेतु प्रोत्साहित किया जाएगा। इन बच्चों की देख रेख हेतु चिनिहत कुपोषित बच्चे की माता को कैश ट्रान्सफर के जरिए चिकित्सोपरांत प्रत्येक माह 15 सौ रू0 प्रति माह तीन महीने तक दिया जाएगा।

बैठक में मध्य प्रदेश के महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव श्री मनोहर अगनानी, महाराष्ट्र के महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती बंदना Ñष्ण, दिल्ली से डा0 एस0 अनेजा, युनिसेफ से जाब जकारिया, आयुä दक्षिणी छोटानागपुर श्री एस0एस0मीणा, पलामू प्रमण्डल के आयुक्त श्री स्वर्णादित्य सहाय, कर्इ जिलों के उपायुक्त एवं बड़ी संख्या में पदाधिकारीगण एवं गैर सरकारी संस्थाओं के प्रतिनिधी बड़ी संख्या में उपसिथत थे।

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