संसदीय परंपरा भारतवर्ष की सबसे बड़ी ताकत है : मुख्यमंत्री

Press Release

मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुण्डा ने कहा कि संसदीय परंपरा भारतवर्ष की सबसे बड़ी ताकत है। इस ताकत को हम सभासदों के माध्यम से प्रतिबिमिबत करते है। लोकतंत्र और संसदीय व्यवस्था का विकल्प इस दुनिया में नहीं है। इस व्यवस्था को मानवाधिकार, अभिव्यकित की स्वतंत्रता का अधिकार एवं स्वषासन के माध्यम से आत्मसात किया गया है। लोकतंत्र की भावना सषक्त और संवेदनषील होती है। जरूरत है कि लोकतंत्र में प्रतिनिधि सभा के माध्यम से हर व्यकित का विचार सामने आए। उन्होंने कहा कि आगामी 26 जनवरी 2013 को झारखण्ड उच्च न्यायालय एवं झारखण्ड विधान सभा के नए भवन की नींव रखे जाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री आज झारखण्ड विधानसभा की 12वीं वर्षगाँठ के अवसर पर विधानसभा परिसर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

उन्होने कहा कि संवाद हमारे लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है। झारखण्ड विधानसभा के द्वारा आनलार्इन मानीटरिंग सिस्टम अपना जनता को सूचना देने का व्यापक दृषिटकोण अपनाया गया है। अब यह प्रदेष आने वाले दिनों में र्इ-डेमोक्रेसी की ओर बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि फ्रीडम आफ स्पीच ही नहीं बलिक रेफेरेंडम आफ स्पीच होना चाहिए ताकि विधान सभा में जो वास्तविक चर्चा हुर्इ हो उस पर जनता की मुहर लगी हो। इससे सदन मेें निर्णय लेते समय जनता की संवेदना भी साथ होगी।

उन्होंने लोकतंत्र की कमियों की ओर इषारा करते हुए कहा कि हमारा समाज ज्ञान आधारित जब तक नहीं होगा दृषिटकोण से प्रभावित होते रेहेंगे। हमें अपने लोकतंत्र की परिभाषा को पंचायतों में स्थापित करना है साथ ही पंचायत स्तरीय, जिला स्तरीय एवं राज्यस्तरीय योजनाओं के माडल एक साथ विकसित हो सकें। उन्होंने कहा कि हमारे देष के विकास के माडल पर चर्चा के क्रम में ग्रोथ के पैर्टन को चुनौतियाँ दी जा रही है। अतएव सदन में इस पर स्पष्ट नीति तय किये जाने हेतु बहस होनी चाहिए ताकि जो हो रहा हो वह हमारे लिए हो। इसके लिए जिले का कनेकिटंग माडल होना चाहिए जिसमें गणतंत्र के मूल भाव प्रतिबिमिबत हों।

उन्होंने कहा कि आज हम सब झारखण्ड विधानसभा की 12वीं वर्षगांठ के सर्वाधिक लोकमहत्व के अवसर पर समवेत आये हैं। सृजन, संवद्र्धन और परिष्करण के विविध आयामों में ऐसे आयोजनों का विषिष्ट महत्व होता है। ऐसे अवसर पूर्वावलोकन, आत्मनिरीक्षण और संकल्पों को अभिनव स्वरूप देने की प्रेरणा देते हैं। इसी के साथ इतिहास के अविस्मरणीय पृष्टों को भी पलटने का सुअवसर प्राप्त होता है। इस वेला में जन अपेक्षाओं के निहित संदेष को नये संदर्भ में स्वरूप देने का भी संकल्प सामने आता है।

उत्Ñष्ट विधायक के लिए चयनित श्री रघुवर दास को शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय आत्मा में लोकतंत्र रसा-बसा है। राष्ट्र ने अनादिकाल से न केवल राजनीतिक चिंतन में अपितु आत्मीय भाव से लोकतंत्र को अंगीकार किया है, यह हमारे सदव्यवहारों का सदा नियामक रहा है। यहाँ के षासन के मूल में लोकतांत्रिक दायित्व और संवेदनषील जनप्रतिबद्धता आचरण को प्रभावित करती रही है। हमारे यहाँ ‘स्व अर्थात व्यषिट का समषिट अर्थात लोक में विरोहण की यही सामाजिक-राजनैतिक प्रक्रिया रही है।

इस ऐतिहासिक अवसर पर महामहिम राज्यपाल, झारखण्ड, डा0 सैयद अहमद, अध्यक्ष, झारखण्ड विधानसभा श्री सी0पी0सिंह, संसदीय कार्य मंत्री श्री हेमलाल मूमर्ू, सांसद श्री पी0एन0सिंह एवं उत्Ñष्ट विधायक के रूप में सम्मानित पूर्व मंत्री श्री रघुवर दास मंचासीन थे। इस अवसर पर 1980 के माननीय भूतपूर्व विधायकों एवं विधान पार्षदों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर माननीय मंत्रीगण, माननीय विधायकगण, पूर्व विधायकगण सहित बड़ी संख्या में गणमान्य व्यकित एवं पदाधिकारीगण उपसिथत थे।

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