देष की हिन्दी क्षेत्रों में अन्य प्रदेषों की अपेक्षा संभावनाएँ अधिक है

Press Release

राँची, दिनांक 25, जुलार्इ, 2012-

देष की हिन्दी क्षेत्रों में अन्य प्रदेषों की अपेक्षा संभावनाएँ अधिक है परन्तु गैर-हिन्दी भाषी प्रदेषों में स्वाभाविक तौर पर अंग्रेजी का इस्तेमाल संपर्क भाषा के रूप में करते हुए आर्इ0टी0 क्षेत्र का अधिक विस्तार हुआ। देष की हिन्दी पêी के कर्इ मायनों में पिछड़ने का यह महत्वपूर्ण कारण रहा है। सर्वाधिक आबादी वाले इस लोकतंत्र में कम्यूनिकेषन सिस्टम का पुख्ता होना सबसे जरूरी है ताकि सेवा प्रदाय की प्रणाली मजबूत हो, कार्यों के गति मिले साथ ही कामों में पारदर्षिता रहे। संचार की कमी से गलत धारणाएँ जन्म लेती हैं। जिस प्रकार से विकसित और विकासषील देषों की प्राथमिकताएँ अलग है, ठीक उसी तरह से देष के राज्यों का ग्रोथ पैटर्न भी अलग-अलग रहा है। सूचना प्रौधोगिकी इस का बहुत बड़ा कारक रहा है। समाज की धारणाएँ बदलनी चाहिए। इसके लिए बड़ा फेमवर्क, रोडमैप बना कर के प्रदेष का विकास करना है। इससे राष्ट्र विकसित होगा। आर्इ0टी0 को ग्रामीण क्षेत्रों तक ले जाना होता ताकि सर्विस प्रोवार्इड करने में सहजता हो। मुख्यमंत्री आज स्थानीय होटल रेडिषन ब्लू में एडवान्टेज झारखण्ड:इन्फोकाम-2012 का उदघाटन कर रहे थे। इस मौके पर झारखण्ड सरकार एवं सूचना प्रौधोगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के बीच एम0ओ0यू0 हस्ताक्षरित किया गया। राज्य के मुख्य सचिव श्री एस0के0चौधरी एवं सूचना प्रौधोगिकी मंत्रालय के श्री ओंकार राय ने धनबाद के साफ्टवेयर टेक्नालाजी पार्क के लिए दस्तखत किए। मुख्यमंत्री श्री अजर्ुन मुण्डा ने इस मौके पर ” इन्फोकाम त्रैमासिक पत्रिका का विमोचन भी किया।

उन्होंने कहा कि परिवर्तन के दौर में झंझावात तो आते हैं, परन्तु उसे बाधा नही अपितु चुनौति मानकर उससे निकलना है। निर्माण के पूर्व विघ्वंस तो होता ही है। तभी विकास भी होता है। मूर्ति तभी बनती है जब पत्थर को छेनी हथौड़ी से जोड़ा जाता है। प्रतिक्रिया प्राÑतिक स्वभाविक गुण है। हर व्यकित अपनी धारणा से जुड़ा हुआ सभी जगह वही देखना चाहता है जो वह देखता रहा है। विकास हेतु आवष्यक है धारणाओं को बदलने की। समय के साथ बदलाव और बदलाव के साथ विकास निषिचत है। परन्तु यदि इसे सूचना तकनीक के साथ जोड़ दिया जाय तो विकास की गति तेज होगी। बदलाव यूँ भी होगा परन्तु तब विकास में समय अधिक लगेगा। आवष्यकता हैं हमें अपनी पुरानी धारणाओं को बदलने की उन धारणाओं से निकलने के लिए सूचना तकनीक सुगम रास्ता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनौतियाँ हर जगह है। सूचना तकनीक के क्षेत्र में भी है। गुणवता सहित क्षमता का विकास हो इसे ध्यान रखना है। संचार प्रणाली के लिए सूचना तकनीक की आवष्यकता पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सूचना तकनीक के बिना गुड गर्वनेंस सम्भव नहीं है। डिलिवरी मैकैनिज्म में इसका सदुपयोग किया जा सकता है। गड़बड़ी कहाँ पर हो रही है उसे सूचना तकनीक के माध्यम से आसानी से पकड़ा जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समस्याएँ है, तो समाधान भी होगा। समस्या से भागना नहीं अपितु उसका समाधान ढूंढना है। अब टाउनषिप भी प्रोफिटेबल हैं। एक अध्ययन के मुताबिक 12 वर्षों के पश्चात शहरी अधिसंरचना में लगी पूँजी फायदा देने लगी है। इस लिए 800 एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित झारखण्ड की नर्इ राजधानी के कोर कैपिटल एरिया में इस्टीटूषनल एरिया एवं आर्इ0टी0 सेक्टर के लिए 200 एकड़ भूमि चिनिहत की गर्इ है।

इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री एस0के0 चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डा0 डी0के0तिवारी, प्रधान सचिव, सूचना प्रौधोगिकि श्री एन0एन0सिन्हा ने भी समारोह को सम्बोधित किया। स्वागत सम्बोधित इन्फोकाम के चेयरमैन डी0डी0 पुरकायस्थ ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन श्री शांतनुदत्त ने किया। इस अवसर पर सचिव, श्री विमलकीर्ति सिंह, प्रधान सचिव गृह, श्री जे0बी0तुबिद, श्री ए0के0 सरकार, श्रमायुक्त श्री सुनिल बर्गवाल, मृदुला सिन्हा, पुलिस महानिदेषक श्री जी0एस0 रथ, पुलिस महानिरीक्षक, श्री एस0एन0 प्रधान, निदेषक, आर्इ0आर्इ0एम, श्री फ्रांसिस जेवियर सहित बड़ी संख्या में आर्इ0टी0 विषेषज्ञ, कारपोरेटस एवं गणमान्य व्यकित उपसिथत थे।

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