ट्रांस्फार्मर की गुणवत्ता से कोर्इ समझौता नहीं,मुख्यमंत्री

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control transformerविभाग एक सप्ताह में यह सुनिशिचत करें कि किस जिला में कितने ट्रांस्फार्मर जले या खराब हुए तथा उन्हें कब बदला गया या बदले जाने की योजना है। ट्रांस्फार्मर की गुणवत्ता से कोर्इ समझौता नहीं होना चाहिए। बिजली वितरण की व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है। वितरण को भी पबिलक डोमेन में डालें। यह प्रतिदिन अपडेट होना चाहिए। एम0आर्इ0एस0 का निर्माण 15 नवम्बर-12 तक सुनिशिचत करें।

मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुण्डा ने आज ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान झारखण्ड राज्य विधुत बोर्ड द्वारा सघन निगरानी की आवश्यकता पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले के 20-20 गाँव का सर्वे कराते हुए विधुत आपूर्ति एवं मांग का विस्तृत विवरण उपलब्ध कराएं तथा मानिटरिंग सिस्टम सुदृढ़ करें। पूरा प्रबंधन एम0आर्इ0एस0 पर आधारित हो। इसमें किसी प्रकार का विलम्ब नही होना चाहिए। इस हेतु 15 नवम्बर-12 तक का समय विभाग को देते हुए उन्होंने कहा कि पूरे बोर्ड का मैनेजमेंट स्पष्ट होना चाहिए। आंचलिक, अनुमण्डल एवं जिला स्तर से सूचनाओं का अपडेटिंग आन स्पाट करने की व्यवस्था सुनिशिचत करें। तकनीकि दक्षता एवं पारदर्शिता के साथ सुलभ सेवा उपलब्ध कराए।

बैठक के दौरान जानकारी दी गर्इ कि पी. टी. पी. एस.  और सिकीदीरी से विधुत उत्पादन एवं दुमका क्षेत्र में संचरण में सुधार हुआ है। सिमडेगा, चतरा एवं पलामू जिले में संचरण कार्य प्रगति पर है। राज्य में ऊर्जा नीति, 2012 अधिसूचित कर दी गर्इ है। सोलर पालीसी अगले दो माह में तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। 34 मेगावाट क्षमता के लघु जल विधुत परियोजनाओं की तैयारी की जा रही है। इसके लिए माह दिसम्बर में निविदा निकाली जाएगी। राज्य स्तरीय सौर ऊर्जा पार्क बन कर तैयार है। डी. एफ. (डिस्ट्रीब्यूशन फ्रेंचार्इजी) की नियुकित की प्रक्रिया की जा रही है।

समीक्षा के दौरान ग्रामीण विधुतीकरण पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 74 गाँवों में  रार्इटस लि0 द्वारा एच0 भी0 डी0 सिस्टम से ग्रामीण विधुतिकरण हेतु किए जा रहे कार्य की मानिटरिंग पर ध्यान दिया जाए। अन्य 253 गाँवों तथा 251 गाँवों के विधुतीकरण हेतु प्रस्ताव अगली कैबिनेट में लाएं। कितने गाँवों तक विधुत की पहुँच हुर्इ है, तथा कितने गाँवों में कार्य आरम्भ है की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी गाँवों तक बिजली पहुँचाना विभाग का लक्ष्य होना चाहिए। संताल परगना के विधुत संचरण व्यवस्था के संबंध में ग्रीड की क्षमता तथा विधुत आपूर्ति व्यवस्था की विस्तृत जानकारी ली।

बैठक में Restructured Accelerated Power Development and Reform Programme (पुनर्गठित त्वरित विधुत विकास और सुधार कार्यक्रम) के तहत बाउन्ड्री एवं फिडर मीटर लगाने , डी0टी0आर0 मीटर लगाने , डाटा सेंटर एवं डाटा रीकभरी कार्य की भी समीक्षा की गर्इ।

जे0एस0र्इ0बी0 द्वारा 100 मेगावाट प्रति माहेनततमदकमत की बात प्रकाश में लाए जाने पर मुख्यमंत्री ने पावर ट्रेडिंग के संबंध में जानकारी हेतु अन्य राज्यों की व्यवस्था की जानकारी लेकर प्रतिवेदन देने का निदेश दिया।

बैठक में विकास सलाहकार, श्री आर0सी0सिन्हा, मुख्य सचिव, श्री एस0के0चौधरी, विकास आयुक्त, श्री देवाशीष गुप्त, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव, डा डी0के0तिवारी, ऊर्जा सचिव, श्री बिमल कीर्ति सिंह, सचिव योजना एवं विकास विभाग, श्री अविनाश कुमार समेत वरीय पदाधिकारीगण उपसिथत थे।

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