झारखण्ड प्रशासनिक सेवा के मूल कोटि के दो पदाधिकारी बर्खास्त

Press Release

अर्जुन मुण्डामुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुण्डा ने झारखण्ड प्रशासनिक सेवा के मूल कोटि के दो पदाधिकारी श्री एतवा मुण्डा एवं श्री तोवियस जोसेफ बारला को झारखण्ड सेवा संहिता के नियम-76(ख) के तहत बर्खास्त करने का आदेश दिया है।

श्री एतवा मुण्डा 27वीं बैच के प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारी हैं तथा श्री तोवियस जोसेफ बारला 29वीं बैच के पदाधिकारी हैं। दोनो ही पदाधिकारी लम्बी अवधि से अपने कर्तव्य से अनुपसिथत रहे हैं। कर्तव्य से अनुपसिथत रहने के कारण अखबारों में भी कर्इ बार सूचना प्रकाशित की गर्इ।

झारखण्ड सेवा संहिता के नियम 76(ख) के अनुसार ”अगर कोर्इ सेवक लगातार पाँच वर्ष तक छुट्टी पर रहने के बाद अपना कर्तव्य ग्रहण न करे या अगर सरकारी सेवक या विदेश सेवा या निलम्बन की सिथति को छोड़कर अपनी छुट्टी की अवधि के बाद भी ऐसी अवधि के लिए जो उसे दी गयी छुट्टी की अवधि के साथ पाँच वर्ष से अधिक हो, से अनुपसिथत रहे तो उसे यदि राज्य सरकार अन्यथा न चाहे, सेवा से सिविल सर्विसेज (क्लासिफिकेशन, कन्ट्रोल एवं अपील) नियमावली एवं बिहार एण्ड उड़ीसा सबआर्डिनेट सर्विसेज (डिसीप्लीन एवं अपील) नियमावली, 1935 में विहित प्रक्रिया के अनुसार हटा दिया जायगा।

इसी प्रकार झारखण्ड प्रशासनिक सेवा की पदाधिकारी श्रीमती दिव्या के लगातार अनुपसिथत रहने के कारण उन्हें मुख्यमंत्री द्वारा बर्खास्त करने का आदेश दिया गया है। श्रीमती दिव्या लगभग सात वर्षों से लगातार अनुपसिथत हैं तथा उनके संबंध में किसी प्रकार की सूचना कार्यालय को उपलब्ध नही है। उनसे सम्पर्क करने का यथेष्ट प्रयास जिसमें समाचार पत्रों के माध्यम से विज्ञपित का प्रकाशन तथा उनके स्थायी पता पर एतद विषयक पत्र जारी किया गया। परन्तु उनसे सम्पर्क सम्भव नही हो सका।
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राँची, 25 अक्टूबर, 2012- मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुण्डा ने डा0 अनवर हुसैन, तत्कालीन प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, करों सम्प्रति निलंबित के विरूद्ध अभियोजन स्वकृति का आदेश दिया है। उनके विरूद्ध अपने पदस्थापन काल में पद का भ्रष्ट दुरूपयोग करते हुए धोखाधड़ी एवं जालसाजी करके इंदिरा आवास के लाभुकों को मिलने वाली सरकारी धन राशियों के गबन से संबंधित पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध हैं, जिसके आधार पर प्रथम दृष्टया अपराध बनता है।

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