छ: दिवसीय गहन समीक्षा एवं भौतिक मूल्यांकन की बैठक…

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छ: दिवसीय गहन समीक्षा एवं भौतिक मूल्यांकन बैठक की दूसरी पाली में मुख्यमंत्री ने क्रमश: सहकारिता, परिवहन, आदिवासी कल्याण एवं अल्पसंख्यक कल्याण की विविध योजनाओं की बिन्दुवार समीक्षा की तथा कर्इ निदेश दिए। उन्होंने निदेश दिया कि मार्केट स्ट्रेटेजी एवं बाजार प्रबंध के रोडमैप बनाने, विभाग के व्यापारिक प्रतिष्ठानों का व्यवसायिक रूप से प्रबंधन करने, कोल्ड स्टोरेज खोले जाने, सभी वनोपज के लाभकारी मूल्य को ध्यान में रखते हुए अधिकतम उत्पाद को मार्केटबुल बनाने, झाम्फकोफेड जनजातीय हित को वैल्यू एडीसन के माध्यम से विपणन की ठोस व्यवस्था करें। महुँआ, लाह सहित सभी वनोषधियों को विचौलियों से बचावें तथा अधिक संग्रहण एवं विपणन के लिए भी सेन्टर से मिलकर काम करें। विभाग द्वारा दिए गए उत्पादों के विवरण पर मुख्यमंत्री ने चिंता व्यक्त की और कहा कि यह बहुत कम है। वनोपज के बारे में विभाग द्वारा दिए गए डाटा को उन्होंने औपचारिकता बताया। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सहकारिता पदाधिकारी व्यवसायिक संस्थान नहीं चला सकते, इसलिए व्यवसायिक विशेषज्ञ दिए जायें। पूर्ण पारदर्शिता के साथ व्यवसायिक प्रक्रिया को दक्षतापूर्वक जमीन पर उतारें। पहले यह निर्धारित करें कि विभाग का उíेय क्या है। इसके लिए ठोस नीति तय करें।

परिवहन विभाग द्वारा चेकपोस्ट निर्माण में विलम्ब को राजस्व क्षति से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे दस प्रतिशत अधिक व्यय कर भी पूरा करना पड़े तो किया जाय। 15 दिनों में चेकपोस्ट की दिशा में ठोस निर्णय लें तथा तत्काल यह बतायें कि विभाग को कितने मैनपावर की जरूरत होगी। उन्होंने नम्बर प्लेट के बारे में भी त्वरित कार्रवार्इ करने का निदेश दिया। सभी उपभोक्ताओं की सेवाओं को आनलार्इन किए जाने, पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को आर्इ‚टी‚ के साथ मिलकर काम करने, राजस्व वृद्धि की ओर भी विभाग का ध्यानाकृष्ट कराया। मुख्यमंत्री ने एक नये हेलीकापटर खरीदने का भी अविलम्ब प्रस्ताव देने का आदेश दिया। रजिस्टे्रशन, एस.टी.ए. परमिट पर च्समदजल, प्दजमत ैजंजम च्मतउपजए व्दसपदम च्मतउपजए ब्वउचनजमत सेवा का भ्लचमतसपदा किए जाने आदि विषयों की बिन्दुवार समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने विभाग की गहन उवदपजवतपदहए सत्तर्कता, म्पिबपमदबल डंदंहमउमदज करवंचना को रोकते हुए राजस्व वृद्धि करने का निदेश दिया। बैठक में लंबित रेल परियोजनाओं पर भी चर्चा हुर्इ।

कल्याण विभाग की विविध योजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कल्याण विभाग, शिक्षा, स्वास्थ्य लाभुकों को मिलने वाली सुविधा, पंचायतों को अधिकार, सभी रिकितयों को भरे जाने, विभाग का डप्ै बनाने, सारे कार्यक्रमों, गतिविधियों, आवंटन ढाँचागत व्यवस्था को डप्ै में डालने, ज्।ब् के निर्णयों के आलोक में ैनतअपअम किए जाने पर सर्वाधिक बल दिया। उन्होंने निदेश दिया कि शिक्षा, व्यवसायिक शिक्षा, सुपोषण एवं स्वास्थ्य सुविधा पर 10 दिनों के अन्दर विभाग प्रत्येक आवासीय विधालय उसके छात्रावास, उसकी ढाँचागत सिथति और उसके परीक्षा परिणाम के बारे में जानकारी दें। किसी भी हालत में स्वीकृति और आवंटन में विलम्ब न हो। विभाग समस्त बजट उपबंध अविलम्ब स्वीकृत करें। सभी स्तर के पदाधिकारी क्षेत्र का भ्रमण प्राथमिकता के आधार पर करें और भौतिक स्तर पर उपयोगिता प्रमाण-पत्र प्राप्त करें। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रत्येक लाभुक परिवार और संस्था के साथ विभाग सम्पर्क बनायें तथा टवसनउम च्तवकनबजपवद पर ध्यान दें। मेसो अस्पतालों की मुख्यमंत्री ने पूरी जानकारी ली। साथ ही स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा च्च्च् उवकम में संचालित विधालयों के तीन वर्षों के परीक्षा परिणाम का भी मूल्यांकन किया। उन्होंने समस्त रिकितयों का अविलम्ब विज्ञापित करने का आदेश दिया तथा यह भी कहा कि गुणवत्तापूर्ण विकास के लिए हर स्तर पर पदबमदजपअम की व्यवस्था की जाय। प्रत्येक छात्रावास में जहाँ रसोर्इया नहीं हैं वहीं रसोर्इया की व्यवस्था का दायित्व जिला परिषद को दिया जाय और इसके लिए शीघ्र प्रस्ताव विभाग प्रस्तुत करें। जिन आवासीय विधालयों में पढ़ार्इ नहीं हो रही है या जिन मेसो अस्पतालों की सिथति अच्छी नहीं है उसके लिए विशेष टीम बनाकर उसे टपंइसम बनाने की कार्रवार्इ की जाय। मुख्यमंत्री ने जनजातीय उपयोजना और वनाधिकारिता के संदर्भ में अविलम्ब बैठक कर ठोस सुझाव देने का आदेश विकास आयुक्त को दिया। इस अवसर पर उन्होंने कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, जनजातीय उपयोजना, आदि क्षमता विकास संबंधित कार्यक्रमों को त्वरित गति और पारदर्शी तरीके से जमीनी स्तर पर पहुँचाने एवं सभी विभागों का मइेपजम खोलने, पंचायतों को दिए जाने वाले अधिकार तुरन्त पहुँचाने तथा कार्यक्रमों के कुशल प्रबंधन पर त्वरित कार्रवार्इ कर निदेश विभाग को दिया। उनहोंने जनजातीय शोध संस्थान के निदेशक के पद पर नियुकित का भी आदेश दिया। साथ ही पायलट प्रशिक्षण में हो रही असुविधा को देखते हुए एक सप्ताह के अन्दर ट्रेनिंग दिलाने की व्यवस्था सुनिशिचत कराने का आदेश मुख्यमंत्री जी ने दिया।

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