खेलकूद व्यकितत्व के विकास के लिए अत्यन्त आवष्यक है

Press Release

sayed ahmed

महामहिम राज्यपाल डा0 सैयद अहमद ने कहा है कि खेलकूद व्यकितत्व के विकास के लिए अत्यन्त आवष्यक है। यह मनुष्य का शारीरिक स्वास्थ्य मजबूत करने तथा उसमें शकित, ऊर्जा एवं चुस्ती का संचार करने में सहायक है। उन्होंने कहा है कि इसके माध्यम से मानसिक और चारित्रिक विकास के साथ-साथ अनुषासन की भावना में भी वृद्धि होती है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मसितष्क होता है। खेलों से हमारे आत्मविष्वास में भी वृद्धि होती है और मेरा मानना है कि जिस व्यकित के अंदर आत्मविष्वास होता है वह जीवन की कठिन से कठिन परिसिथति का सामना करने को तैयार हो जाता है। महामहिम राज्यपाल आज बिरसा मुण्डा फुटबाल स्टेडियम, मोरहाबादी, राँची में प्रथम अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता के उदघाटन समारोह के अवसर पर बोल रहे थे। इस अवसर पर प्रधान सचिव, गृह विभाग श्री जे0बी0 तुबिद, राज्यपाल के प्रधान सचिव श्री एन0एन0 सिन्हा, आरक्षी महानिदेषक श्री जी0एस0 रथ के अतिरिक्त राज्य के वरीय पुलिस पदाधिकारीगण उपसिथत थे।

महामहिम राज्यपाल ने कहा कि तीरंदाजी खेल प्राचीनतम खेलों में से एक है। पहले जहाँ यह आत्मरक्षासुरक्षा का साधन था, वहीं आज यह कैरियर के रूप में भी विकसित हुआ है। हमारे राज्य के कर्इ खिलाडियाें ने इस क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने बेहतर प्रदर्षन से न केवल अपना, अपने राज्य का नाम रौषन किया है बलिक पूरे राष्ट्र को अपने कीर्तित्व से गौरवानिवत किया है।

महामहिम राज्यपाल ने इस अवसर पर कहा कि किसी भी स्वच्छ एवं उन्नत समाज के निर्माण में पुलिस की भूमिका अहम होती है। अत: अनेक विपरीत परिसिथतियों में भी जनता और राज्य के हक में उन्हें अपने कार्य को पूरी र्इमानदारी और मुस्तैदी से करनी होगी, इसमें किसी भी प्रकार की षिथिलता न बरतें। उन्होंने कहा कि सम्प्रति राज्य में राष्ट्रपति शासन है और राष्ट्रपति के प्रतिनिधि के रूप में वे राज्य में स्वच्छ एवं प्रभावी शासन के साथ-साथ लोगों को बेहतर विधि-व्यवस्था मुहैया कराने हेतु प्रतिबद्ध हैं जिसमें विधि-व्यवस्था से सम्बद्ध सभी व्यकितयों की महती भूमिका है। उन्होंने कहा कि हमारे राज्य के पुलिस पदाधिकारी व कर्मी कुषल व क्षमतावान हैं लेकिन उन्हें राज्यहित व राष्ट्रहित में और तत्परता, लगन तथा मुस्तैदी से कार्य करने की आवष्यकता है। उन्होंने कहा कि खुफियातंत्र को भी और प्रभावी बनाया जाय ताकि अपराधी अपराध करने से पूर्व ही गिरफ्त में आ जाय।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आम लोगों को अपनी परेषानियों का षिकायत दर्ज कराने के लिए थाना जाने में किसी प्रकार का डर अथवा संकोच न हो, पुलिस थाने में उनकी बात सुनी जाय एवं उस पर अमल हो, यह प्रत्येक थाना प्रभारी सुनिषिचत करें। पुलिस-पबिलक सहयोग पर विषेष ध्यान दें ताकि राज्य की जनता पुलिस को अपना अभिन्न सहयोगी समझे।

आरम्भ में श्री जी0एस0 रथ ने इस प्रतियोगिता के सन्दर्भ में जानकारी दी।

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